👉 सरणागमनं
👉 दस सिक्खापदानि
👉 सामणेर पञ्हो
👉 द्वत्तिंसाकारो
👉 पच्चवेक्खणा
👉 दसधम्म सुत्त
👉महामंगल सुत्त
👉रतन सुत्त
👉करणीय मेत्त सुत्त
👉खन्ध (परित्त) सुत्तं
👉मेत्त सुत्तं
👉मित्तानिसंस सुत्तं
👉मोर (परित्त) सुत्तं
👉चन्द परित्तं (सुत्त)
👉सुरिय परित्तं (सुत्त)
👉धजग्ग परित्त (सुत्त)
👉महाकस्सपथेर बोझङ्गं परित्तं
👉महामोग्गल्लानथेर बोज्झङ्ग परित्तं
👉महाचुन्दथेर बोज्झङ्गं परित्तं
👉 गिरिमानन्द सुत्तं
👉इसिगिलिसुत्तं
👉धम्मचक्कप्पवत्तन सुत्तं
👉महासमय सुत्तं
👉आलवक सुत्तं
👉कसीभारद्वाज सुत्तं
👉 पराभव सुत्तं
👉 वसल सुत्तं
👉 सच्चविभंग सुत्तं
👉 आटानाटिय सुत्त (क)
👉 आटानाटिय सुत्तं (ख)
महापरित्राण पाठ करते समय सबसे पहले
और अंत में सामूहिक परित्राण के लिए
भिक्षुसंघ द्वारा संरक्षित किए जाने वाले सूत्र। 👉 महापरित्राण पाठ प्रार्थना गाथा 👉 पटिच्चसमुप्पाद (परित्तारम्भ) 👉 तिरत्नवन्दना 👉 जयमंगल गाथा इसके बाद महा मङ्गल सुत्त, रतन सुत्त एवं करणीय मेत्ता सुत्त का पाठ करें 👉महाजयमंगल गाथा 👉 पञ्ञत्ति परित्तं (आवाहन सुत्त) 👉 जिनपञ्जर गाथा 👉 अट्ठवीसति बुद्धगाथा 👉 अङ्गुलिमाल परित्तं 👉 जलनन्दन परित्तं 👉 चतुरा रक्खा 👉 नरसीह गाथा 👉 जय परित्तं 👉 सीवली परित्तं 👉 पत्थना 👉 पुण्यानुमोदना 👉 आयाचना
और अंत में सामूहिक परित्राण के लिए
भिक्षुसंघ द्वारा संरक्षित किए जाने वाले सूत्र। 👉 महापरित्राण पाठ प्रार्थना गाथा 👉 पटिच्चसमुप्पाद (परित्तारम्भ) 👉 तिरत्नवन्दना 👉 जयमंगल गाथा इसके बाद महा मङ्गल सुत्त, रतन सुत्त एवं करणीय मेत्ता सुत्त का पाठ करें 👉महाजयमंगल गाथा 👉 पञ्ञत्ति परित्तं (आवाहन सुत्त) 👉 जिनपञ्जर गाथा 👉 अट्ठवीसति बुद्धगाथा 👉 अङ्गुलिमाल परित्तं 👉 जलनन्दन परित्तं 👉 चतुरा रक्खा 👉 नरसीह गाथा 👉 जय परित्तं 👉 सीवली परित्तं 👉 पत्थना 👉 पुण्यानुमोदना 👉 आयाचना